नई सदी का भारत

नई सदी का मानव बनेगा महान। शान्ति दूत बन कर  सभी का करेगा कल्याण। भ्रष्टाचार कि राजनीति करनें वालों पर  कड़ा रुख अपनाएगा। भाई भतीजावाद, चापलूसी से मुक्ति दिलवाएगा।। आंतकवाद फैलानें वालों को अपनें देश से बाहर करवाएगा। कर्मयोग की राह पर चलने वाला ही मां भारती का सच्चा सपूत कहलाएगा। अपनें प्राणों का उत्सर्जन… Continue reading नई सदी का भारत

हम नन्हें नन्हें हैं बच्चे

हम नन्हे नन्हे बच्चे, नादान उम्र के हैं कच्चे।। भोले भाले दिल के सच्चे। मासूम और सच्चे बच्चे।। लिखना पढ़ना क्या जानें? हम तो अभी अक्षर भी न पहचानें।। केवल मां की ममता को ही जानें।। हम नन्हे नन्हें हैं  बच्चे  नादान उम्र के हैं कच्चे। मासूम और सच्चे बच्चे।। हमें डांट फटकार से डर… Continue reading हम नन्हें नन्हें हैं बच्चे

प्रार्थना

 तेरे पूजन को भगवान मन को बनाएं आलीशान। तुम्हारा हर पल करें  हम ध्यान। भक्तों का तुम करते कल्याण।। तेरी छवि अति महान। मनमोहक अति सुन्दर राम।। तेरे पूजन को भगवान मन को बनाएं आलीशान।। तू ही अन्दर , तू ही भीतर तू ही सब का प्यारा हितकर।। तू ही सर्वत्र विद्यमान। तेरी लीला अति… Continue reading प्रार्थना

चौपाईयां

राम कथा जीवन आधारा। सुमरित श्रवण कर जग से तारा।। राम सिया राम ,सिया राम जै जै राम। सुखी वहीं जो राम गुण गाएं। प्रभु प्रसाद वहीं जन पाएं।। राम सिया राम सिया राम जै जै राम।। राम सिया राम, सिया राम , जै जै राम।। भृकुटि विशाल,नयन चकोरा। चारू कपोल,चंचल चितचोरा।। राम सिया राम,सिया… Continue reading चौपाईयां

प्रार्थना

सुबह सवेरे ले कर तेरा नाम प्रभु।करते हैं शुरुआत आज का काम प्रभु।।पढ़ाई में हमेशा ध्यान लगाएं हम।मेहनत से ही अच्छे अंक पाएं हम।मेहनत से ही अच्छे अंक पाएं हम।।सुबह सवेरे ले कर तेरा नाम प्रभु।करते हैं शुरुआत आज का काम प्रभु ।।कक्षा में कभी जी न चुराएं‌ हम।सच्चाई को ही हमेशा अपनाएं हम।सच्चाई को… Continue reading प्रार्थना

होली के रंग

होली के रंग 11/3/22 आओ बच्चों  एक साथ   होली मनाएं। एक साथ मिल बांट कर गुलाल लगाएं ।। होली के रंग में रंग कर ,सभी को लुभाएं। अपनों के संग गुझिया और मिठाई मिल-बांट कर खाएं ।। मां,दादी,नानी के जायकेदार पकवानों को खा कर खुब लुत्फ उठाएं। दोस्तों, रिश्तेदारों के संग खुशियां मना कर… Continue reading होली के रंग

घूमने निकली मैं

निकली मैं शाम को बाग में, मैं शाम को बाग में घुमनें निकली।।चमक रही थी सूरज कि किरणें।सूरज कि किरणें थी चमक रही।।हंसी एकाएक जोर से।जोर से यकायक हंसी।मुझे गिलहरी एक दिखी, बाग के एक ओर।बाग के एक ओर एक गिलहरी दिखीथी बैठी तार का सहारा ले कर।तार का सहारा ले कर थी बैठी।हंसी यकायक… Continue reading घूमने निकली मैं

मेरी लाड़ली बहना

 सुन्दरता की पहचान हो। भोली सूरत और ममता की खान हो ।। करुणा,दया और ममता कि साक्षात मिसाल हो। चिन्तनशीलता और गुणों की बेमिसाल हो ।। सोच समझ से हर काम को करती हो । अपनों से दिलोजान से मोहब्बत करती हो।। आप से बढ़ कर कोई नहीं है सानी।। आप तो सभी से हो… Continue reading मेरी लाड़ली बहना

परमार्थ

मिट्टी का माधो बनकर तू एक दिन रह जाएगा।  बुराइयों के दलदल में पड़ कर बचाखुचा समय यूं व्यर्थ गंवाएगा।। मानव जीवन है अनमोल।  सच्चाई से बढ़कर नहीं है इसका तोल।।  झूठ के बल पर तू कब तक मुकाम हासिल कर पाएगा?।  जिंदगी में सदा अकेला होकर फिर तू पछताएगा ।  जीवन में जिन को… Continue reading परमार्थ

मधुर वचन

कुटिल वचन न बोलिए, जो सब का मन दुखाए। मीठे वचन अति लुभावने। जो सब को  सुहाए।। गोविन्द गोविन्द रटते रहो,जब तक मुंह में जुबान। भवसागर से तर जाएगा जब निकलेंगें प्राण।। माया है सब से बुरी,इससे हमेशा रखो दुरी। प्यार,ममता,स्नेह और विश्वास से प्रभु की पकड़े रखो डोरी।। विवेक से उत्पन्न होए प्रेम की… Continue reading मधुर वचन