मासूम भाग(2)

समृति को डॉक्टर ने बताया कि वह बेहोशी में भी बघिरा बघिरा पुकार रहा था। लगता है बघिरा का इन से कोई खास लगाव है। स्मृति के मानस पटल पर सारी घटना चलचित्र की भांति खीची चली बघिरा के कारण ही यह सब कुछ हुआ। बघिरा को दोषी ठहराते हुए उसको भला बुरा कहने लगी।… Continue reading मासूम भाग(2)

मासूम

शेरभ अपने मम्मी पापा के साथ शिमला की वादियों में घूमने गया था। वह केवल 10 साल का मासूम सा, प्यारा सा बच्चा था। बड़ी बड़ी आंखें, गोल मटोल, भोला-भाला चेहरा, अपने माता-पिता का हाथ थामे कुफरी की बर्फीली वादियों का लुत्फ उठा रहा था। वह गर्म इलाके का रहने वाला था। ठंडी ठंडी हवा… Continue reading मासूम

कोई अपना सा

गाजियाबाद जाने वाली ट्रेन 2 घंटे लेट थी प्लेटफार्म पर लोगों की बहुत ही भीड़ थी। यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान तक इधर उधर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ रहे थे। एक बच्चा दौड़ता दौड़ता आया बोला आंटी अंकल मुझे बचा लो। उस बच्चे की दर्द भरी पुकार सुनकर आकाश की पत्नी ने उनकी… Continue reading कोई अपना सा

कौवा, लोमड़ी और रोटी

एक लोमड़ी भूखी प्यासी आई पेड़ के नीचे। लगी देखने उस पेड़ को आंखें मींचे मींचे।। पेड़ पर था एक कौवा बैठा। नटखट चुलबुल काला कौवा।। अपनी चोंच में रोटी का टुकड़ा भींचे भींचे। लोमड़ी सोच रही थी मन में, क्यों न इसे बहलाती हूं। इस बेसूरे की तारीफें कर के क्यों न इसे फुसलाती… Continue reading कौवा, लोमड़ी और रोटी

कान्हा

एक गांव की बस्ती में कृष्ण नाम का एक छोटा सा बच्चा रहता था। गांव गांव में दूर-दूर तक लोगों के घरों में चला जाता। गांव वाली औरतों की मटकी को फोड़ देता। उसकी मां एक बहुत ही गरीब परिवार की महिला थी। एक दिन जब उसे घर में दूध पीने को नहीं मिला तो… Continue reading कान्हा

साहसी देवकी

माधवपुर गांव में देवकी अपने पति के साथ हंसी-खुशी जीवन यापन कर रही थी। उसके पति के व्यापार में दिन रात चौगुनी उन्नति हो रही थी। उसका पति एक मेहनती और ईमानदार व्यापारी था। बाहर के लोग भी उसकी बहुत ही प्रशंसा कर रहे थे। विदेशों में भी उसके सामान की प्रशंसा हो रही थी।… Continue reading साहसी देवकी

मासूम रिया

रिया और प्रिया दो बहने थी ।दोनों ही चंचल प्रवृत्ति की थी। छोटी का नाम रिया और बड़ी का नाम प्रिया था। प्रिया पढ़ने में बहुत होशियार थी मगर रिया पढ़ने में इतनी तेज नहीं थी ।प्रिया हमेशा अपनी कक्षा में प्रथम आती थी ।उसके अध्यापक और उसके माता पिता भी उसे बहुत प्यार करते… Continue reading मासूम रिया

सिंघासन का दान

किसी नगर में एक राजा रहता था। वह सोचता था कि मुझसे बुद्धिमान और चतुर मेरे नगर में कोई भी इंसान नहीं होगा। वह सोचने लगा कि मैं आम व्यक्ति का वेश धारण करके देखता हूं। वह हर रोज इसी खोज में रहता था कि कोई मुझसे ज्यादा बुद्धिमान है या नहीं। मुझसे बुद्धिमान अगर… Continue reading सिंघासन का दान

रहस्यमई हवेली

शेरभ बहुत ही शरारती बालक था। एक दिन उसकी मां ने उसे कहा अगर तुम होमवर्क नहीं करोगे तो तुम्हें बहुत ही मार पड़ेगी। शेरभ ने अपनी ममी की बात सुनी अनसुनी कर दी वह चिखते चिखते बोला मां पहले मुझे चॉकलेट दो। वह चॉकलेट के लिए जिद करने लगा। शेरभ की मम्मी ने कहा… Continue reading रहस्यमई हवेली

काली और भूरी बिल्ली

एक छोटी सी बस्ती थी। उस बस्ती के बाहर काले और भूरे रंग की दो बिल्लियां रहती थी। जब भी मिलती आपस में लड़ती। जब काली बिल्ली रोटी प्राप्त करती तो भूरी बिल्ली को उससे इर्ष्या होती। जिस दिन काली बिल्ली को रोटी मिलती उस दिन भूरी को ईर्ष्या होती। दोनों एक दूसरे से रोटी… Continue reading काली और भूरी बिल्ली