जैसे को तैसा

भाई और बहना का एक दिन हुआ मनमुटाव।दोनों का आपस में था बहुत ही जुड़ाव।। बहना ने सोचा, भाई मुझे मनाने आएगा।कब तक वह मुझसे पीछा छुड़ाएगा? भाई ने रसोई से बर्फी और मिठाई का डिब्बा उठाया।खूब चटकारे लगा-लगा के मिठाई का किया सफाया।। बहना दौड़ी-दौड़ी आई और भाई पर चिल्लाई। बर्फी और मिठाई जो… Continue reading जैसे को तैसा

नदी का बहाव

कृष्णदेव राय के दरबार में एक बूढ़ा मंत्री था। राजा उसे बहुत मानते थे। एक दिन मंत्री ने कहा,“महाराज! अब मेरा मन गाँव जाकर रहने का है।” राजा ने दुखी मन से उसे जाने की अनुमति दे दी। मंत्री के जाने के बाद राजा बहुत उदास रहने लगे। तेनालीराम ने उन्हें समझाने की कोशिश की,… Continue reading नदी का बहाव